Skip to main content

नीम और हल्दी के फ़ायदे

 नीम और हल्दी के फ़ायदे

नीम और हल्दी दोनो ही भरत में कई वर्षों पूर्व से औषधि के रूप में प्रयोग किया जा रहा हैनीम का पेड़ भारत और कई अन्य देशों में पाया जाता है नीम और हल्दी को कई प्रयोगों में प्रयोग किया जाता हैइसके बारे में कुछ फ़ायदे के बारे में जानकारी इस लेख में लिखा है 



हल्दी में औषधीय गुण क्या है


हल्दी (Turmeric) एक प्राचीन औषधीय है और यह आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक महत्वपूर्ण स्थान अपनी रखती है हल्दी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं नीम की तरह ही हल्दी भी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। हल्दी में काफी अच्छी मात्रा में एंटी बैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी फंगल तत्व मौजूद होते हैं। साथ ही हल्दी में आयरन, पोटैशियम, विटामिन सी और जिंक भी मौजूद होता है और हल्दी में कर्करोग प्रतिरोधक गुण होते हैं जो फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले कई बीमारियों को रोक सकते हैं।

नीम के औषधीय गुण 

नीम औषधीय गुणों से परिपूर्ण होता है, इसमें एक नहीं बल्कि अनगिनत औषधीय गुण पाए जाते हैं। नीम के औषधीय गुण गठिया (रेमेटॉयड आर्थराइटिस) में बहुत कारगर साबित हुआ है यही कारण है कि सदियों से इसका उपयोग किया जा रहा है नीम में एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी वायरल और एंटी ऑक्सीडेंट गुण मौजूद हैं। साथ ही नीम विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम और टैनिक एसिड का भी अच्छा सोर्स है इसे मुंह की सफाई त्वचा की सुधार और पाचन तंत्र में भी एक अच्छे उपयोग किया जाता है 


1. नीम और हल्दी से कैंसर कोशिकाओं को करे नष्ट

कैंसर एक गंभीर बीमारी है। यह तब होता है, जब शरीर में कोशिकाएं ( सेल्स ) असामान्य रूप से ज्यादा बढ़ती रहती है  ऐसे में अगर रोजाना नीम और हल्दी का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है नीम और हल्दी में काफी अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो फ्री रेडिकल्स के कारण कोशिकाओं (सेल्स ) को होने वाले नुकासन से बचाता है। नीम कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं को खत्म करने में कारगर होता है।


हल्दी और नीम के सेवन से 

2,,,  हल्दी और नीम के सेवन से कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं (सेल्स) को खत्म कर देती है. नीम और हल्दी के बहुत सारे अनेकों और फायदे हैं, लेकिन एक महत्वपूर्ण फायदे यह है कि वह कैंसर उत्पन्न करने वाली कोशिकाओं को खत्म कर देता है. हम सब के शरीर में कैंसर सेल्स फैले हुए होते हैं लेकिन अगर वो एक साथ इकट्ठा होने लगें तो यह जानलेवा साबित हो जाता है. हल्दी और नीम का प्रयोग इन कैंसर कोशिकाओं के नियंत्रण करने में बेहद अहम कारगर साबित है 

3,खाली पेट नीम और हल्दी खाने के और क्या फायदे

नीम का पत्ता या पौधा इस धरती पर पाया जाने वाला सबसे औषधीय गुणों वाला एक औषधि पत्ता व पौधा है इसका पत्ता  शरीर की सफाई करने में अहम भूमिका निभाता हैं भारत में आपको सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि सभी लोग पेट के इंफेक्शन हो जाते हैं  आपको शौचालय के चक्कर लगवा सकता है क्योंकि यह शरीर बैक्टीरिया से भरा हुआ है। एक सामान्य आकार के शरीर में, करीब दस ट्रिलियन मानव शरीर की कोशिकाएं (सेल्स) होती हैं मगर कई ट्रिलियन से अधिक बैक्टीरिया होते हैं शरीर के अंदर श्री सद्गुरू जी बताते हैं कि आपके शरीर के अंदर इतने जीवों का निवास है जितना आप सोच भी नहीं  सकते इनमें से अधिकांश बैक्टीरिया हमारे लिए मददगार साबित होते हैं उनके बिना हम जीवित नहीं रह सकते लेकिन हमें उनमें से कुछ हमारे लिए समस्या पैदा कर सकते हैं जो पेट के लिए ठीक नहीं है अगर आप नीम का सेवन रोजाना तौर पर करेंगे तो यह आंत में होने वाली समस्या उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया को खत्म कर देता है जिससे आप का पेट और स्वास्थ्य भी ठीक हो सकते है 

4,,बढ़ती उम्र और त्वचा के 

बढ़ती उम्र और त्वचा को खूबसूरत बनाए रखने के लिए हम लोग क्या क्या नहीं करते हैं लेकिन अगर हम आप चाहें तो सिर्फ सुबह खाली पेट नीम और हल्दी का सेवन करके भी अपनी त्वचा और बढ़ती उम्र को हमेशा के लिए जवां बनाए रख सकते हैं नीम और हल्दी एक साथ में दोनो खाने से शरीर में जमा गंदगी आसानी से बाहर निकल जाती है जिससे बॉडी डिटॉक्स होती है, इसका असर त्वचा पर भी देखने को मिलता है नीम और हल्दी दोनो हमारे सेल्स को पुनः regenerative कर के बढ़ती उम्र को रोकने में मदद हो सकता है इस लिए हम आप को रोज सुबह हल्दी नीम का प्रयोग करना चाहिए

नीम और हल्दी का प्रयोग विधि, 



नीम और हल्दी दोनो को एक साथ प्रयोग करने के लिए आप चाहें तो पाउडर के रूप में भी सेवन कर सकते हैं क्यों कि नीम का पाउडर स्वाद में कड़वा और कसैला होता है सबसे अच्छा आप नीम और हल्दी की गोली या कप्सूल के रूप में प्रयोग कर सकते हैं सेवन के लिए आप एक गिलास हल्का गर्म पानी लें। स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं। लेकिन सिर्फ नीम और हल्दी का सेवन करना अधिक लाभकारी माना जाता 

आप को इस प्रयोग करने से पहले आप किसी अच्छे डाक्टर या वैद्य की सलाह के बाद ही प्रयोग करे 


अगर ये लेख आप को पसंद आया हो तो हमारे पेज को फॉलो जरुर करे 


Comments

Popular posts from this blog

शारीरिक वेग को रोककर रोग ना बढ़ाएं

शारीरिक वेगन को रोककर रोग ना बढ़ाएं शरीर में जब हानिकारक पदार्थ एकत्र हो जाते हैं तो शरीर अपनी रक्षा के लिए इन्हें बाहर निकलने का प्रयास करता है इस कार्य के लिए शरीर संबंध अंगों या टैटो को क्रियाशील कर देता है अंगों या तंत्र की यह क्रियाशीलता बड़ी तीव्र होती है जैसे सोच मूत्र छींक जमुई हिचकी डकार प्यास अपान वायु का निकलना आंसू आना इन क्रियो को रोकना कठिन है किंतु यदि इन्हें बलपूर्वक रोक लिया जाए तो शरीर में अनेक विकार पैदा कर देते हैं हम कई बार अत्यधिक व्यवस्था के कारण शरीर के वेग को रोक लेते हैं नतीजा भयंकर रोग पैदा हो जाता है यह वेज अनेक है इनमें से कुछ प्रमुख वेज हैं और उन्हें रोकने से रोकने वाली हानिकारक लिखित हैं जैसे पहले नंबर अपान वायु दूसरा मल त्याग तीसरा मूत्र त्याग चौथ डकार आना पांचवा छींक आना छठ प्यास लगना सातवां भूख लगा आठवां नींद आना नया खांसी उठाना दसवां आहे भरना 11वां जमाई आना 12वां उल्टी आना 13वां आंसू रोकना 14वां शुक्र या वीर का अवरोध करना उपयुक्त वेगन को रोकने से तरह-तरह के रोग लग जाते हैं यहां हम क्रम अनुसार उनकी चर्चा करेंगे अपान वायु रोकने पर।   पेट में वा...

वजन घटाने के फायदे weight loss for benifit in Hindi

  वजन घटाने के फायदे  Weight loss for benifit in Hindi   वजन घटाने के कई फायदे हो सकते हैं, यह आपके स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकते हैं। निम्नलिखित कुछ फायदे वजन कम करने के हो सकते हैं:    1.दिल के स्वास्थ्य की सुरक्षा: वजन कम करने से हृदय संबंधित समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है, जैसे कि हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर। 2.डायबिटीज का प्रबंधन: वजन कम करने से डायबिटीज के लिए जोखिम कम हो सकता है, और डायबिटीज का प्रबंधन सुगर कंट्रोल में मदद कर सकता है। 3.कोलेस्ट्रॉल का नियंत्रण: वजन कम करने से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे अच्छा हृदय स्वास्थ्य बना रह सकता है। 4.हड्डियों की सुरक्षा: व जन कम करने से हड्डियों को अधिक संघटित होने से बचाया जा सकता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस की आशंका कम हो सकती है। 5.स्वास्थ्यपूर्ण तनाव: सही वजन पर रहने से तनाव कम हो सकता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ सकता है। 6.खुशियों का अनुभव: आपका वजन कम होने से खुशियों का अधिक अनुभव हो सकता है, और आपको खुद पर गर्व महसूस हो सकता है। 7.शरीर का लचीलापन: वजन कम करने...

अनार खाने के फ़ायदे क्या क्या है

                अनार खाने के फ़ायदे क्या क्या है   आज हम जानेंगे आनर के बारे बहुत सारे लोगो का सवाल रहता हैं की अनार के फ़ायदे क्या क्या है जो शुगर के मरीज उनके लिए उनको भय रहता शुगर बड़ जाने के लिए और बहुत सारे मन में विचार रहते हैं  आनर (अनार) पेड़ पूरी दुनिया में विभिन्न भाषाओं में उपयोग होने वाला एक प्रमुख फल है और यह भारतीय प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आनर का बोटानिकल नाम "Punica granatum" है। यह एक पौधे की तरह उगने वाला और छोटे पेड़ की श्रेणी में आता है, जिसमें विभिन्न गुलाबी या लाल रंग के फल होते हैं। आनर के फल में कई प्रकार के पोषणात्मक और औषधीय गुण होते हैं, जिनमें फाइबर, विटामिन C, विटामिन K, पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स, और फोलेट शामिल होते हैं। आनर का सेवन कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है, जैसे कि: आप को आगे बताने से पहले जबसे यूज किया जाता है इसे पेट के रोगों में बहुत लाभदायक होता है अनार (pomegranate) पेट के रोगों के लिए मंद हो सकता है, क्योंकि इसमें कई स्वास्थ्य लाभकारी गुण होते हैं। निम्नलिख...