अर्जुन छाल के क्या क्या फायदे हैं Arjun chhal ke kya kya fayde hai
अर्जुन या ( अर्जुन छाल) का पेड़ भारत में सबसे अधिक लोकप्रिय है और सबसे ज्यादा पाया जाता है अर्जुन छाल का पेड़ समान जगहों व नदियों के आसपास पाया जाता है। इस पेड़ की ऊंचाई तकरीबन 25 से 35 मीटर तक ऊंचा हो सकता है साथ ही साथ आपको बता दें कि अर्जुन की छाल मुलायम और भूरी रंग की होती है मगर इसके बीच में हरे और लाल रंग के धब्बे भी दिखाई देते हैं। अर्जुन की पत्तियां आयताकार होती हैं, अर्जुन का ताजा फल हरे रंग का होता है और जब यह पक जाता है तो उसके बाद इसका रंग भूरा पड़ने लगता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक सेहत में सुधार के लिए अर्जुन की छाल की सलाह देते हैं। ज्यादा तर देखा गया है कि इसे स्ट्रोक, हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर जैसे कई हृदय संबंधित रोगों पर अर्जुन की छाल के उपयोग एवं लाभ को लेकर अध्ययन किए जा चुके हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं अर्जुन की छाल के फायदों के बारे में।
हृदय रोगों के लिए फायदेमंद
हृदय रोग की सेहत के लिए भी अर्जुन की छाल बहुत गुडकारी साबित हो सकती है। आयुर्वेद में अर्जुन छाल का उपयोग मुख्य रूप से हृदय व रक्त संबंधी बीमारियो के इलाज में किया जाता है। एक अधयन के अनुसार अर्जुन की छाल में ट्राइटरपेनॉइड (Triterpenoids) नामक गुण पाया जाता है। जो की इस खास गुण के कारण ही अर्जुन छाल हृदय रोग जोखिमों को दूर रखने में कारगर साबित है। इसके उपयोग से हृदय की मांसपेशियों को बल व पोषण मिलता है जिससे हृदय की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं
हाई ब्लड प्रेशर रोगियों के लिए
आयुर्वेद के अनुसार अगर आप ब्लड प्रेशर के मरीज़ है तो आप को अर्जुन की छाल के सेवन से आप हाई ब्लड प्रेशर को भी कम कर सकते हैं। क्यों कि इसमें एंटीबायोटिक गुण होता है जिससे आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होने देता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचने के लिए आप अर्जुन की छाल का सेवन कर सकते हैं किसी अच्छे डाक्टर या वैद्य की सलाह से ही प्रयोग करना चाहिए
मधुमेह रोगी के लिए
मधुमेह रोग को समान करने में अर्जुन छाल का इस्तेमाल किया जाता है बता दें कि इसमें पाए जाने वाले विशेष प्रकार के औषधि एंजाइम्स और एंटीडायबिटिज गुण पाए जाते हैं जो की किड़नी और लिवर की कार्य प्रणाली को बढ़ाकर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में काफी हद तक मदद मिलती है इसलिए डायबिटीज की बीमारी से ग्रस्त लोगों को अर्जुन की छाल का पानी या काढ़ा पीने की सलाह दी जाती है अर्जुन छाल का काढ़ा या पानी पीने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरुर ले
पेशाब में संक्रमण होने पर
अर्जुन छाल अल्सर रोगियों के लिए
एक अध्ययन के अनुसार अर्जुन की छाल में उपस्थित मेथनॉल हेलीकॉक्टर पिलोरी और लिपोपोलिसैक्साइड प्रेरित गैस्ट्रिक अल्सर को रोकने कभी हद तक मदद करता है। इससे के लिए आप को अर्जुन छाल का काढ़ा बना लें और ठंडा कर इसे नियमित रूप से सेवन करे आप को इसके साथ अन्य औषधि के प्रयोग से इलाज किया जाता है आप स्वय की चिकित्सा न करें किसी अच्छे डाक्टर या वैद्य की सलाह से ही सेवन करें यह आपके पेट के अल्सर को ठीक करने मे काभी हद तक मदद मिलेगा और साथ ही पेट और लीवर को भी स्वस्थ रखेगा
अर्जुन की छाल की चाय या काढ़ा पीने से आप के बढ़े हुवे कफ और पित्त को नाश करने में बहुत मदद करता है यदि आपको मानसून के सीजन में बार-बार सर्दी जुकाम की समस्या बनी रहती है तो आप को गर्मा-गर्म अर्जुन छाल की चाय या फिर काढ़ा बना के भी पी सकते हैं इससे आप को कभी हद तक राहत मिलती है लिवर में कोई समस्या, लिवर के आसपास दर्द महसूस होता है, सूजन है, फैटी लिवर की समस्या है, तो अर्जुन की छाल की चाय जरूर पिएं। ये एक आयुर्वेदिक औषधी है, किसी भी चीज का सेवन अधिक मात्रा में करने से भी बचना चाहिए।
कमजोर हड्डियों के लिए अर्जुन छाल
आयुर्वेद के अनुसार और एक अध्ययन के अनुसार भी अर्जुन छाल में अच्छी मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है जो की आपकी कमज़ोर हड्डियों को मजबूत करने के लिए काफी फायदेमंद साबित पाया गया है अर्जुन छाल का काढ़ा या अर्जुन छाल की चाय रोजाना लेने से आपकी कमज़ोर हड्डियाँ को बल प्रदान करता हैं जिससे आप की कमज़ोर हड्डी मज़बूत बनेंगी और यदि आपकी हड्डी में फ्रैक्चर है तो वह जल्दी ठीक हो जायेगा मगर आप को इसके साथ अन्य औषधि के प्रयोग से इलाज किया जाता है आप स्वय की चिकित्सा न करें किसी अच्छे डाक्टर या वैद्य की सलाह से सेवन करें
अर्जुन छाल के अन्य बहुत सारे अनेकों फायदे हैं मगर सभी फायदे एक लेख में लिखना असंभव है
कृपया किसी भी तरह से आप अपना स्वयं का उपचार न करें किसी लेख या किसी अन्य जरिए जानकारी लेकर के अपना उपचार न करें किसी अच्छे वेद या डॉक्टर की सलाह से ही अपना उपचार करें उनसे मिलने के बाद भी उपचार लेने नहीं तो आप स्वयं की जिम्मेदार होंगे






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