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शारीरिक वेग को रोककर रोग ना बढ़ाएं

शारीरिक वेगन को रोककर रोग ना बढ़ाएं शरीर में जब हानिकारक पदार्थ एकत्र हो जाते हैं तो शरीर अपनी रक्षा के लिए इन्हें बाहर निकलने का प्रयास करता है इस कार्य के लिए शरीर संबंध अंगों या टैटो को क्रियाशील कर देता है अंगों या तंत्र की यह क्रियाशीलता बड़ी तीव्र होती है जैसे सोच मूत्र छींक जमुई हिचकी डकार प्यास अपान वायु का निकलना आंसू आना इन क्रियो को रोकना कठिन है किंतु यदि इन्हें बलपूर्वक रोक लिया जाए तो शरीर में अनेक विकार पैदा कर देते हैं हम कई बार अत्यधिक व्यवस्था के कारण शरीर के वेग को रोक लेते हैं नतीजा भयंकर रोग पैदा हो जाता है यह वेज अनेक है इनमें से कुछ प्रमुख वेज हैं और उन्हें रोकने से रोकने वाली हानिकारक लिखित हैं जैसे पहले नंबर अपान वायु दूसरा मल त्याग तीसरा मूत्र त्याग चौथ डकार आना पांचवा छींक आना छठ प्यास लगना सातवां भूख लगा आठवां नींद आना नया खांसी उठाना दसवां आहे भरना 11वां जमाई आना 12वां उल्टी आना 13वां आंसू रोकना 14वां शुक्र या वीर का अवरोध करना उपयुक्त वेगन को रोकने से तरह-तरह के रोग लग जाते हैं यहां हम क्रम अनुसार उनकी चर्चा करेंगे अपान वायु रोकने पर।   पेट में वा...
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फास्ट फूड स्वास्थ्य के लिए कितना घातक है

 फास्ट फूड स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है और कितना घातक है आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि फास्ट को स्वास्थ्य के लिए कितना घातक और घातक हो सकता है हमारे शरीर में कितने नुकसानदायक हानिकारक पदार्थ है फास्ट फूड खाने से अंदर जाते हैं इस बारे में आज आपको मैं विस्तार से जानकारी देने जा रहा हूं मैं किसी भी प्रकार का कोई बेड या फिर किसी भी प्रकार का कोई डॉक्टर नहीं हो केवल एक आपको जानकारी दे रहा हूं फास्ट फूड में तले हुए तथा बिना रेशे वाले खाद्य पदार्थ होने के कारण या पाचन तंत्र को खराब कर देते हैं और डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों की सुरक्षा रखने के लिए प्रयोग में ले गए केमिकल्स भी पाचन तंत्र पर बुरा प्रभाव डालते हैं रेशेदार और प्राकृतिक भोजन की अपेक्षा के कारण पेट के रोग पनपते हैं और धीरे-धीरे स्वास्थ्य को चौपट कर देते हैं माता-पिता अपने मित्रों की देखा देखा देखी बच्चे भी फास्ट फूड खाना बड़प्पन की निशानी मानते हैं अतः समूचा परिवार ही विभिन्न प्रकार के रोगों की चपेट में आ जाता है और शरीर की अपेक्षा पर परिमाण व्यक्ति को डॉक्टर के यहां चक्कर काट कर चुकाना पड़ता है रोगों के कारण शरीर नष्ट हो ज...

घरेलू उपचार

 घरेलू उपचार के अस्थाई लाभ ऐसा नहीं है कि घरेलू चिकित्सा केवल आकस्मिक चिकित्सा ही हो अधिकांश रोगों में यह एक अस्थाई चिकित्सा के रूप में विख्यात है गंभीर से गंभीर रोगों को जड़ से समाप्त करने के लिए घरेलू चिकित्सा देश भर में प्रसिद्ध है इसकी दवाइयां अपने धीमे किंतु अस्थाई प्रभाव के कारण रोगों पर कुछ देर से प्रभाव डालते हैं लेकिन रोगों की सही पहचान करके यदि दवा दी जाए तो घरेलू चिकित्सा से तुरंत और अस्थाई लाभ मिलता है दूसरी चिकित्सा पद्धतियों की तेज सरदार दावों के अस्थाई प्रभाव की अपेक्षा समझदार लोग घरेलू चिकित्सा पद्धति के अस्थाई प्रभाव देने वाले इलाज को अधिक पसंद करते हैं यही कारण है कि यह पद्धति आज भी एक कामयाब और लोकप्रिय चिकित्सा पद्धति के रूप में विख्यात है और अब तो सारी दुनिया में इसका विस्तार हो चुका है सस्ती और सरल चिकित्सा घरेलू चिकित्सा में रोग का इलाज प्राकृतिक वनस्पतियों घर में उपलब्ध खान-पान की वस्तुओं तथा जल प्रकाश मिट्टी वायु ध्वनि और चुंबकीय आदि के द्वारा किया जाता है यह वस्तुएं हमें सहज ही उपलब्ध है और कीमत में भी सस्ती पड़ती है इसलिए घरेलू चिकित्सा सस्ती और सरल चिकित...

घरेलू चिकित्सा

  घरेलू चिकित्सा के अन्य नाम घरेलू चिकित्सा के नुस्खे इतने लोकप्रिय हैं कि कहीं यह दादी अम्मा के नुस्खे कहानी दादी नानी के नुस्खे कहीं दादा जी के नुस्खे और कहीं विद्या चुटकुले के नाम से जाने जाते हैं यह उसकी इतनी सहज उपलब्ध हैं कि कोई अन्य इन्हें पैसे पैसे के नुस्खे कोई सस्ती दवाई और कोई कोई तो बे पैसे के नुस्खे या बी मूल नुस्खे का कर पुकारता है वस्तुतः घरेलू चिकित्सा की दवाइयां इतनी सस्ती है और सहज होती हैं कि लोग इन्हें घास फूस की दवा या फिर रख धूल की दवा तक कह देते हैं लोकप्रिय चिकित्सा घरेलू चिकित्सा पद्धति हमारे देश में बड़ी ही लोकप्रिय है खासकर दूर दराज के गांव देहात में जहां अस्पताल या डॉक्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं है घरेलू चिकित्सा ही प्राथमिक चिकित्सा का एकमात्र उपाय है शहरी और कई कशई जीवन में जहां डॉक्टर की सुविधा भी उपलब्ध है लोग सामान्य रोगों के लिए घरेलू दावों पर ही ज्यादा निर्भर रहते हैं किसी के दांत में दर्द है तो लॉन्ग पीसकर दांत या दाल में दबा लिया किसी को सर्दी जुकाम हो गया है तो तुलसी और काली मिर्च की चाय पी ली किसी को गले में खराश होने पर पानी को उबाल कर उसमें नम...

घरेलू चिकित्सा के आयाम

 घरेलू चिकित्सा के आयाम आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति हमारे देश के प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है वैदिक काल में इस पद्धति का इतना अधिक विकास हुआ है की आयुर्वेदिक नाम से वेद की एक अलग शाखा बना दी गई सभी प्रकार के शारीरिक और मानसिक रोगों का इलाज इस पर पद्धति द्वारा किया जाता है और किया जाता रहेगा आज भी अध्ययन और अनुसंधान के बाद यह पाया गया है की आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली एक सुरक्षित और प्रभावी चिकित्सा प्रणाली है यही कारण है कि आज देश के सभी विश्वविद्यालयों तथा अनेक विदेशी विद्यालयों में इस चिकित्सा पद्धति को अन्य वर्तमान चिकित्सा पद्धतियों के समान ही मान्यता प्रदान की गई है आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली में चिकित्सा के लिए पूरी तरह प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग किया जाता है पेड़ पौधे खनिज पदार्थ धातुओं रतन आदि के द्वारा रोगों की चिकित्सा की जाती है इसके साथ प्राकृतिक के अन्य संसाधनों जैसे मिट्टी जल वायु सूर्य का प्रकाश चुंबन आदि के द्वारा भी इस पद्धति में इलाज किया जाता है भारतीय ऋषि मुनियों ने प्राचीन काल में ही यह सत्य जान लिया था कि व्यक्ति प्रति का ही अंश है जो पिंड में है वही ब्रह्मा...

अधिक मीठा खाने से क्या होता है?

 अधिक मीठा खाने से क्या होता है? अधिक मात्रा में मीठा खाने के कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं, और इसका अधिक सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। यहां कुछ प्रमुख प्रभाव हैं जो अधिक मीठा खाने से हो सकते हैं: डायबिटीज:अधिक मीठा खाने से इंसुलिन का उत्पाद कम हो सकता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ सकता है और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। ओवरवेट और ओबेसिटी:मीठे और अत्यधिक मीठा खाने से बढ़े हुए कैलोरी का सेवन हो सकता है, जिससे वजन बढ़ सकता है और ओवरवेट और ओबेसिटी का खतरा बढ़ सकता है। हृदय स्वास्थ्य:अधिक मीठा खाने से हृदय स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर और अत्यधिक शर्करा स्तर के कारण हृदय समस्याएं। डाइजेस्टिव समस्याएं:अधिक मीठा खाने से पाचन प्रणाली पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जिससे कब्ज, अम्लता, और गैस की समस्याएं हो सकती हैं। कैविटीज़:मीठा खाने से मुख में बैक्टीरिया का विकास हो सकता है, जिससे दांतों में कैविटीज़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रतिरक्षण शक्ति में कमी:अधिक मीठा खाने से इम्यून सिस्टम की कमजोरी हो सकती है और संक्रमण का सामना करना मुश्किल हो सकता है। मानसिक स...

आंवला खाने के फायदे

 आंवला, जिसे अंग्रेज़ी में "Indian gooseberry" भी कहा जाता है, एक पौष्टिक और गुणकारी फल है जो आपके स्वास्थ्य के लिए कई फायदे प्रदान कर सकता है। यह फल विशेषकर विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट्स, और आयरन से भरपूर होता है। यहां कुछ मुख्य आंवला खाने के फायदे हैं: विटामिन C का स्रोत: आंवला एक उत्कृष्ट विटामिन C का स्रोत है, जो शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है। यह इम्यून सिस्टम को सुधारने में मदद करता है और संक्रमणों से लड़ने में सहायक होता है। एंटीऑक्सीडेंट्स का स्रोत: आंवला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कुछ रोगों और बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं और आपके शरीर की सेल्स को विषाणुओं से बचाने में सहायक हो सकते हैं। डाइजेस्टिव स्वास्थ्य को सुधारना: आंवला में फाइबर होता है जो पाचन को सुधारने में मदद कर सकता है और कब्ज़ को कम कर सकता है। हृदय स्वास्थ्य को सुधारना: आंवला में पोलीफेनोल्स और अन्य गुणकारी तत्व होते हैं जो हृदय स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकते हैं। आयरन का स्रोत: आंवला में आयरन होता है, जो हेमोग्लोबिन की बनावट में मदद कर सकता है और एनीमिया को...